कुछ रुकता नहीं यहां

जहाँ से कोई एक रिस्ता टूट जाता है
वहां से एक नया रिस्ता सुरु होता है,
जैसे एक रास्ता एक चौराह पे आके सिमट जाता है
वहां से एक नया रास्ता उमड़ आता है।

कोई दोस्त अगर दोस्ती तोड़ देता है
एक नया दोस्त फिर दोस्ती सुरु करदेता है
जैसे अगर एक लिबबॉस गिला हो जाती है तोह
हम एक दूसरा सूखा लिबबॉस ले आते हैं।

जब गम और आंसू तकलीफ के किनारे मैं सिमट जाते हैं
वहां से फिर मुस्कराहट ही खुसी उमड़ आती है
जैसे नफरत की अँधियाँ परेशानी का बादल ले आता है
वहां से प्यार की सूरज अपनी रौशनी फैलाती है।

जब ज़ुबान से बातें खामोश हो जाते है
वहां से फिर अनकही बाते सुरु होता है
जैसे खिला हुआ फूल एक दिन निचे गिर जाते है
फिर वही शाखा से उम्मीद की नयी कली जनम लेती है।

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