बेरंग आसमान

जब माँ अपनी साथ में रहती है
तोह सातवां आसमान मानो
अपनी झोली मैं गिर जाती है।

जब माँ अपनी हाथ सर पे रखती है
तोह हर कोई गम मानो
अपनी परछाई से दूर भागता है।

जब माँ अपनी हातो मैं खाना बनाती है
तोह दुनिया की सबसे लाजवाब पकवान मानो
उसस्के आगे फीके पड़जाता है।

जब माँ अपनी आँचल से हमे ढँक देती है
तोह ममता की छाया मानो
हमे जिंदगी भर सुकून देता है।

जब माँ अपनी हर तकलीफ को दिल मैं दबा देती है
तोह माँ सच्मुझ खुदा की मानो
ज़िंदा जागता मूरत बन जाती है।

जब माँ की आँखों से आंसू टपकती है
उनकी एक एक आंसू की कीमत मानो
हज़ारों मोती का कीमत से ज्यादा होती है।

और जब माँ अपनी पास से उस दुनियां  मैं चली जाती है
तोह ज़िन्दगी के वह सातवां आसमान मानो
बेरंग आसमान बन जाता है।

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