जब तूफ़ान आता है……

जब तूफ़ान आता है,
सबकुछ तहस नहस करके
चला जाता है,
पल भरमें
एक सुन्दर सा बाग़ को
उजाड़ के शमशान मैं
बदल डालता है,
और जहाँ हरियाली होता था
उसका नामोनिशान मिटा के
चला जाता है ।।।

जब तूफ़ान आता है,
ठहरने के लिए
कुछ मौका ही नहीं
देता है,
ना सोच सकते हो
ना समझ सकते हो
पल भरो मैं
खाबों की रंग ही
बदल देता है ।।।

जब तूफ़ान आता है,
रिश्तों का आसमान
टूट के नीचे गिरजाता है,
प्यार की कलियाँ
नफरत के बारिश मैं
टूट ही जाता है
और यकीन की ज़मीन पे
गम की खाई बन जाता है ।।।

तूफ़ान ख़तम होने के बाद,
सूरज फिर उगता है
आसमान पे तारे फिर टिमटिमाते है,
चाँद फिर मुस्कराता है,
कोयलिया फिर कुहू बोलता है
हवा फिर चलता है,
सब फिर आगे जैसा था
वैसा हो जाता है,
सिर्फ फर्क उसको
महसूस होता है
जिसका ज़िन्दगी मैं
तूफ़ान सबकुछ बर्बाद
कर डालता है,
आपना अंदर ही अंदर
वो तकलीफ से
टूट ही जाता है ।।।

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